स्वर्णिम युग फाउंडेशन के माध्यम से, आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यों में योगदान दिया जा रहा है। यह संगठन न केवल उद्यमिता को प्रोत्साहित करता है, बल्कि उद्यमियों को सहायता भी प्रदान करता है ताकि वे अपने व्यापार को सफल बना सकें।
इसके साथ ही, स्वर्णिम युग फाउंडेशन ने खेती क्षेत्र में नवाचारी तकनीकों को बढ़ावा देने का कार्य भी किया है। इससे किसानों को समृद्धि और सुविधाएं मिलने का अवसर मिला है। स्वर्णिम युग फाउंडेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रमुख योगदान दिया है। यह संगठन भारतीय शिक्षा नीति में परिवर्तन के लिए प्रयास कर रहा है और शिक्षा के स्तर को उच्च करने का लक्ष्य रखता है।
यहां तक कि वे विद्यालयों और महाविद्यालयों में अध्ययन करने वाले छात्रों को वित्तीय सहायता भी प्रदान करते हैं। स्वर्णिम युग फाउंडेशन की स्थापना मार्च 2021 में एक विचार के माध्यम से हुई। इसके बाद से, 30 दिनों के प्राह्न कालीन प्रशिक्षण के बाद, हिंदी में कार्य किया जा रहा है।